Showing posts with label गीत - आओ दीप जलाएँ. Show all posts
Showing posts with label गीत - आओ दीप जलाएँ. Show all posts

Thursday, June 19, 2008

गीत - आओ दीप जलाएँ

आओ खुशी बिखराएँ छाया जहां गम है ।
आओ दीप जलाएँ गहराया जहाँ तम है ॥

एक किरण भी ज्योति की
आशा जगाती मन में;
एक हाथ भी कांधे पर
पुलक जगाती तन में;

आओ तान छेड़ें, खोया जहाँ सरगम है।
आओ दीप जलाएँ गहराया जहाँ तम है ॥

एक मुस्कान भी निश्छल
जीवन को देती संबल;
प्रभु पाने की चाहत
निर्बल में भर देती बल;

आओ हंसी बसाएँ, हुई आँखे जहां नम हैं।
आओ दीप जलाएँ गहराया जहाँ तम है ॥

स्नेह मिले जो अपनो का
जीवन बन जाता गीत;
प्यार से मीठी बोली
दुश्मन को बना दे मीत;

निर्भय करें जीवन जहाँ मनु गया सहम है।
आओ दीप जलाएँ गहराया जहाँ तम है ॥

कवि कुलवंत सिंह