Saturday, October 24, 2009

कुलवंत सिंह को राजभाषा गौरव पुरुस्कार

राजभाषा गौरव पुरुस्कार
हिंदी में विज्ञान के प्रचार प्रसार के लिए विगत कई वर्षों में किये गये अनेकानेक प्रयासों के लिये वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी कुलवंत सिंह को अपने व्यक्तिगत प्रयासों के लिए ’भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र’ द्वारा ’परमाणु ऊर्जा विभाग’ के अध्यक्ष डा अनिल काकोडकर के हाथों 22 अक्टूबर 2009 को ’राजभाषा गौरव पुरुस्कार’ से सम्मानित किया गया. डा. श्री कुमार बनर्जी, डायरेक्टर, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र द्वारा हस्ताक्षरित प्रशस्ति पत्र के साथ.

हिंदी में विज्ञान के क्षेत्रों में किये गये (एवं किये जा रहे) कार्यों का संक्षिप्त विवरण -
१. गत १५ वर्षों से ’हिंदी विज्ञान साहित्य परिषद’ में सेवाभाव से समर्पित.
२. गत ८ वर्षों से त्रैमासिक पत्रिका ’वैज्ञानिक’ पत्रिका का व्यवस्थापन.
३. गत ८ वर्षों से प्रति वर्ष अखिल भारतीय स्तर पर ’डा. होमी भाभा हिंदी विज्ञान लेख प्रतियोगिता’ का आयोजन.
४. परिषद द्वारा प्रति वर्ष संचालित गोष्ठियों, सेमिनार, वार्ताओं के आयोजन में प्रमुख भूमिका एवं सहयोग
५. परमाणु ऊर्जा विभाग के स्कूली छात्रों के लिये हिंदी विज्ञान प्रश्न मंच का विस्तार मुंबई से बढ़ा कर अखिल भारतीय स्तर पर अपने विशेष प्रयासों द्वारा किया.
६. गत ६ वर्षों से इस प्रश्न मंच प्रतियोगिता का संचालन एवं क्विज मास्टर की विशेष सराहनीय भूमिका.
७. स्कूली छात्रों को इस प्रतियोगिता में सहायता एवं मार्गदर्शन के लिए कुलवंत सिंह ने ’विज्ञान प्रश्न मंच’ पुस्तक लिखी.
८. डा अरविंद कुमार द्वारा लिखी ’एटम्स एंड डेवेलपमेंट’ पुस्तक का कुलवंत सिंह ने अपने सहयोगी के साथ इस पुस्तक का अनुवाद हिंदी में ’परमाणु एवं विकास’ नाम से किया.
९. कण-क्षेपण (sputtering) पर कुलवंत सिंह ने पाण्डुलिपि तैयार की है एवं प्रकाशनार्थ ’हिंदी विज्ञान साहित्य परिषद’ को सौंप दी है .

14 comments:

श्रीकांत पाराशर said...

badhai. sab hindi premiyon ke liye gourav ki baat hai.

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

बहुत बहुत बधाई! मित्र। इस पोस्ट से आप के काम के बारे में भी जानकारी मिली।

अनुनाद सिंह said...

कुलवन्त भाई, बहुत-बहुत बधाई!

हिन्दी के लिये आप द्वार किये जा रहे काम सराहनीय हैं। जानकर खुशी हुई कि आप अपने काम का दायरा भी लगातार बढ़ा रहे हैं।

परमजीत बाली said...

बहुत बहुत बधाई कुलवंत जी।

dhiru singh {धीरू सिंह} said...

बधाइयाँ . हिंदी को आप जैसो सपूतो की जरूरत है

Mired Mirage said...

बहुत बहुत बधाई। आशा है शीघ्र ही हिन्दी में विज्ञान प्रेरित बाल साहित्य भी लिखेंगे।
घुघूती बासूती

नारायण प्रसाद said...

कवि कुलवन्त जी,
राजभाषा गौरव पुरस्कार के लिए बधाई !
क्या आप त्रैमासिक पत्रिका "वैज्ञानिक" के बारे में कुछ विशेष रूप से बताने की कृपा करेंगे ? इसकी कोई प्रति ऑनलाइन उपलब्ध है ?

संगीता पुरी said...

सिंह जी को बहुत बहुत बधाई !!

ललित शर्मा said...

बहुत बहुत बधाई कुलवंत जी, आपने नामारुप हिंदी कुल का गौरव बढाने का काम किया है, बधाई

महफूज़ अली said...

bahut bahut badhai........

Udan Tashtari said...

बहुत बहुत बधाई

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

कवि कुलवन्त सिंह को मेरी ओर से हार्दिक बधायी!

अविनाश वाचस्पति said...

विज्ञान हिन्‍दी में
वैज्ञानिक हिन्‍दी में
बधाई स्‍वीकारें
वैसे वैज्ञानिक तो आविष्‍कार करता है
कुलवंत जी कविताओं का आविष्‍कार कर रहे हैं
जरूर दूसरा भी कर रहे होंगे
अच्‍छा लगता है।

मानव मेहता said...

बहुत बहुत मुबारकबाद जी, जान कर अच्छा लगा....