Friday, March 18, 2011

होली

मै किससे खेलूं होली रे !

पी हैं बसे परदेश,
मै किससे खेलूं होली रे !

रंग हैं चोखे पास
पास नही हमजोली रे !
पी हैं बसे परदेश,
मै किससे खेलूं होली रे !

देवर ने लगाया गुलाल,
मै बन गई भोली रे !
पी हैं बसे परदेश,
मै किससे खेलूं होली रे !

ननद ने मारी पिचकारी,
भीगी मेरी चोली रे !
पी हैं बसे परदेश,
मै किससे खेलूं होली रे !

जेठानी ने पिलाई भांग,
कभी हंसी कभी रो दी रे !
पी हैं बसे परदेश,
मै किससे खेलूं होली रे !

सास नही थी कुछ कम,
की उसने खूब ठिठोली रे !
पी हैं बसे परदेश,
मै किससे खेलूं होली रे !

देवरानी ने की जो चुहल
अंगिया मेरी खोली रे !
पी हैं बसे परदेश,
मै किससे खेलूं होली रे !

बेसुध हो मै भंग में
नन्दोई को पी बोली रे !
पी हैं बसे परदेश,
मै किससे खेलूं होली रे !

कवि कुलवंत सिंह

14 comments:

वन्दना said...

वाह वाह आनन्द आ गया कविराज्……… होली की हार्दिक शुभकामनायें।

Patali-The-Village said...

बहुत सुन्दर होली| मजा आ गया|
होली की हार्दिक शुभकामनायें।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत सुन्दर रचना!
--
मस्त फुहारें लेकर आया,
मौसम हँसी-ठिठोली का।
देख तमाशा होली का।।
--
होली की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!

राज भाटिय़ा said...

होली की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!

Ravi Rajbhar said...

wah wah dost,
kya khub kaha aane ...bas pi ki kami khal rhai hai.

Richa P Madhwani said...

http://shayaridays.blogspot.com

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार said...

प्रिय कविराज कवि कुलवंत सिंह जी
सादर सस्नेहाभिवादन !

कहां हैं आप आजकल ?
होली के बाद से आपकी अनुपस्थिति खटक रही है …

सब कुशल मंगल तो है… घर-परिवार में सभी स्वस्थ-सानन्द हैं न !
बहुत बहुत मंगलकामनाएं हैं …
नई रचना पढ़ने का अवसर अब दे भी दीजिए सरकार … :)


बहरहाल , होली की रचना फिर पढ़ कर आनन्द आ गया …

हार्दिक शुभकामनाएं !

-राजेन्द्र स्वर्णकार

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

आपकी पोस्ट की हलचल आज यहाँ भी है

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहुत खूबसूरत गीत

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') said...

सुन्दर गीत कुलवंत भाई....
आनंद आ गया...
सादर बधाई...

सुनीता शानू said...

लो जी होली खतम दीपावली आ गई
पोस्ट नई लगाओ
होली के कपड़े
बदल कर आओ।

सदा said...

वाह ...बहुत ही बढि़या ।

Gunesh Rathore Lunawa said...

रगं बरसे भीगे चुनर वाली रगं बरसे

Happy Holi

Gunesh Rathore Lunawa said...

रगं बरसे भीगे चुनर वाली रगं बरसे

Happy Holi