Friday, March 19, 2010

शहीद - ए - आजम भगत सिंह - 8

शहीद - ए - आजम भगत सिंह - 8

चले मुकदमें भगत सिंह पर,
और अनेक क्रांतिवीरों पर .
सत्ता ने फाँसी ठानी थी,
मुकदमों को दी रवानी थी .

भगत सिंह का आक्रोश रोष,
क्रांतिवीर का जयनाद जोश .
इंकलाब जिंदाबाद घोष,
आजादी का बना उदघोष .

इतिहास दिवस लो आया था,
निर्णय कोर्ट का लाया था .
जिस दिन की थे बाट जोहते,
दिन दिन गिन कर राह देखते .

घड़ी सुहानी वह आई थी,
बासंती में रंग लाई थी .
सहमी सत्ता ने दी पुकार,
फाँसी की थी उसे दरकार .

कोर्ट फैसला तय था फाँसी,
चौबीस मार्च दे दो फाँसी .
सन एकतीस की यह थी बात
जग रहा भाग्य भारत प्रभात .

क्रांति गतिविधियों में लिप्त थे,
आभा से मुख शौर्य दीप्त थे .
’राजगुरू’, ’सुखदेव’, ’भगत सिंह’,
फांसी लेंगे यह भारत सिंह .

गीत मिलन के तीनों गाते,
हँस हँस कर थे मौत बुलाते .
चोले को बासंती रंग माँ,
देख पुकार रही भारत माँ .

भारत जकड़ा जंजीरों में,
कूद पड़े तब हवन कुण्ड में .
आन बचाने यह भारत सिंह,
राजगुरू, सुखदेव, भगत सिंह .

सभी जुबाँ पर एक कहानी,
क्रांति वीरता भरी जवानी .
फैला जन जन क्रांति ज्वार था,
स्वतंत्रता का ही विचार था .

अभीष्ट पूरा हुआ भगत सिंह,
गर्जन थी अब हर भारत सिंह .
पैदा कर दी हर दिल चाहत,
बिन आजादी मन है आहत .

मात पिता को जेल बुलाया,
बेटे ने संदेश सुनाया .
भगत देश पर होगा शहीद,
पूरी होगी मेरी मुरीद .

दुख का आँसू आँख न लाना,
समय है मेरा मुझको जाना .
पूत आपका हो बलिदानी,
अपने खूँ से लिखे कहानी .

जन्म दिया माँ तुमने मुझको,
शीश नवाऊँ शत शत तुमको .
माता धरती, पिता आकाश,
उनके चरणों स्वर्ग का वास .

माँ तेरा उपकार बड़ा है,
किंतु देश का फ़र्ज़ पड़ा है .
भारत माँ का कर्ज़ बड़ा है,
राष्ट्र बेड़ियों में जकड़ा है .

मचल रहे अरमाँ कुरबानी,
झड़ी लगा दे अपनी जबानी,
दे दे कर आशीष अनेकों,
घड़ी शहादत आयी देखो .

देख देख जग विस्मृत होगा,
पढ़ इतिहास चमत्कृत होगा .
मुझको इतिहास बदलना है,
अब यह साम्राज्य निगलना है .

कवि कुलवंत सिंह

2 comments:

मानस खत्री said...

बहुत अच्छा लिखा है आप ने..
मुझे तो आज मालूम हुआ, की आप मुंबई के काफी खास रचनाकार हैं...
*****श्रेष्ठ रचना****
मैं आपकी पुस्तक जरूर पढू गा!!
www.manaskhatri.wordpress.com

RAVINDRA SWAPNIL PRAJAPATI said...

kya bat h... ap jo likh rahe hain vo samachar patrom me bhi bhejiyega ....
bhopal me aapka swagat hai